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Thursday, 18 July 2019

ये कहानी आपको रुला देगी


राजु और उसकी माँ एक छोटे से गांव में रहते थे राजु के पिता एक भयानक बीमारी के चलते अब इस दुनिया में नहीं रहे

राजू की माँ की सिर्फ एक आंख थी ! इस वजह से राजू  उन से नफ़रत करता था! राजू को इस बात से बहुत शर्मिंदगी होती थी !

राजू की माँ घर चलाने के लिए बच्चो और स्कुल के टीचरों के लिए खाना बनती थी

एक बार की बात है जब राजू छट्ठी क्लास मैं हुआ करता था तो राजू की माँ को किसी ने बताया की उनके बेटे राजू को बहुत तेज बुखार हो गया तो उनसे रहा नहीं गया और उनसे मिलने वो स्कूल चली गयी

राजू को उस वक्त बहुत शेर्मिन्दगी महसूस हुई ! और सोचने लगा वो मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकती है
राजू ने उनसे किनारा करना चाहा ओर उन्हें नफ़रत की नज़रों से देखकर राजू बाहर चला गया! उसके अगले दिन स्कूल मै राजू के एक साथी ने राजू को कहा ''ऐ'' तुम्हारी माँ के पास सिर्फ एक आंख है!

राजू शर्म से पानी पानी हो गया !राजू चाहता था कि उसकी माँ कही गायब हो जाए!

राजू उनसे अगले दिन भिड़ा और कहा कि क्या तुम मुझे हँसी का पुतला बनाना चाहती हो!
तुम मर क्यों नहीं जाती!

 राजू की माँ ने कोई जवाब नहीं दिया!

इसे बोलने से पहले राजू ने एक मिनट भी नहीं सोचा की उसकी माँ को कैसा लगेगा क्योकि राजू बहुत गुस्से मैं था! राजू बेखबर था अपने अहसास के आगे !
राजू ने बहुत मेहनत से पढाई की और राजू को अमेरिका जाने का मोका मिला!

उसके बाद राजू ने वही शादी करवा ली ! अब राजू के पास अपना घर था!
उसके अपने बच्चे थे! अब राजू अपनी जिंदगी से बहुत खुश था!

एक दिन राजू की माँ उसके साथ रहने को आई!
उन्होंने राजू को बहुत सालो के बाद देखा था और राजू के बच्चो से कभी नहीं मिली थी!

जब वो दरवाजे पर आई उसके बच्चे उस पर हस पढ़े! राजू उस पर चिल्लाने लगा और कहा कि तुन्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे बच्चो को डराने की! चली जाओ यहा से अभी के अभी!

यह सुनने के बाद उस बूढी औरत ने बहुत आराम से कहा की "बेटा मुझे माफ कर दो””!”
ये शायद गलत पता है और फिर वो वहा से चली गई!

एक दिन राजू के घर पर चिट्ठी आइ जो उसके स्कूल में होने वाले किसी प्रोग्रामके लिए थी

उसने अपने पत्नी से झूठ बोला की मैं एक ज़रूरी काम से जा रहा हू!

स्कूल के प्रोग्राम के बाद वो एक आदमी से मिला !

उसने कहा की यहाँ एक बुडिया रहती थी अब वो मर चुकी है ! वो बुढ़िया कोई और नहीं राजू की माँ ही थी , लेकिन राजू की आख से एक भी आसू नहीं गिरा!
उन्होंने राजू को एक चिठ्ठी दी वो चाहती थी कि वो उसे पढ़े!

राजू ने पड़ना शुरू किया तो राजू की आँखों से आंसुओ का सैलाब बहने लगा उसमे लिखा था .....

"मेरे प्यारे बच्चे मैं हर वक्त तुम्हारे बारे मै ही सोचती रहती थी!
मुझे माफ़ कर दो कि मैं अमेरिका आई और तुम्हारे बच्चो को डरा दिया!
मैं बहुत खुश थी जब मैंने सुना कि तुम अपने स्कूल के प्रोग्राम मै आ रहे हो !
मै बिस्तर से नहीं उठ पा रही थी लेकिन एक बार तुम्हे देखना चाहती थी !
मुझे माफ कर दो ! मैं बहुत शर्मिंदा हू !
तुम्हे याद होगा, जब तुम छोटे थे तो तुम्हारा एक्सीडेंट हो गया और तुमने अपनी एक आख खो दी थी !
माँ होने के नाते मैं सोच नहीं सकती थी कि तुम एक आख के सहारे बड़े हो !
तो मैंने तुम्हे अपनी एक आंख दे दी!
मैं बहुत खुश थी की मेरा बेटा मेरी जगह दुनिया को देखेगा !
मेरा प्यार हमेशा तुम्हारे साथ रहेगा
तुम्हारी माँ .........

तो  दोस्तों आपको इस संदेश से क्या शिक्षया मिले हमे कमेंट में जरूर बताये और अगर आपको लगता है की ये संदेश हर इंसान तक पहुंचे तो कृपया शेयर जरूर करे धन्यवाद 

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