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Thursday, 25 July 2019

बिजली गिरने की असली वजह क्या है

क्या होगा जब आप पर बिजली गिर जायगी ऐसा सोचकर ही हमारी रूह काप  जाती है तो चलिए हम आपको बिजली से जुडी सभी बातो को आपके सामने पेश करते है वीडियो के आखिर तक आप हमारे साथ बने रहे आप 100 % इस पोस्ट से आपको  बहुत कुछ सिख जायगे 




बारिश में आपने अक्सर आसमानी बिजली के बारे में सुना होगा, अक्सर आसमानी बिजली से लोगों के मरने की ख़बरें आती रहती हैं.  मानसून के मौसम में जब भी आसमान में घने बादल मंडराते हैं तो आसमान से उनके गरजने की आवाज सुनाई देती है और आवाज के साथ बिजली भी चमकती हुई दिखती है जो कई बार धरती पर गिरती है जिससे कई बार जान माल का भारी नुकसान होता है

दुनिया भर में हर साल करीब 24,000 लोगो की मौत बिजली गिरने की वजह से होती है.

हर सेकेंड 40 बार बिजली गिरती है. मतलब दिन में करीब 30 लाख बार. ये सभी बिजली जमीन से नही टकराती इनमें से बहुत सी बादलों से बादलों पर गिरती है.

एक आसमानी बिजली में इतनी पाॅवर होती है कि 3 महीने तक 100 वाॅट का बल्ब जल सकता है.

1902 में, बिजली गिरने से 'एफिल टाॅवर' (जो फ्रांस की राजधानी पैरिस में है ) उसका  ऊपरी हिस्सा बर्बाद हो गया था. जिसे बाद में पुन: ठीक किया गया.

आकाश से गिरने वाली बिजली लगभग 4 से 5 किलोमीटर लंबी होती है. इसकी फ्लैश 1 या 2 इंच चौड़ी होती है. इसमें 10 करोड़ volts के साथ 10000 एम्पेयर का करंट होता है. (जो की एक इंसान को पल भर में राख बना सकता है )

आसमानी बिजली में इतनी ऊर्जा होती है कि एक बार में 1,60,000 CLF लाइट जलाई जा सकते है.(है न कमाल की बात )

आकाशीय बिजली गिरने से पुरूषों के मरने की संभावना महिलाओ से पाँच गुना ज्यादा है.

अमेरिकी राज्य, में 1939 में बिजली गिरने से एक साथ 835 भेड़ो की मौत हो गई थी.

1998 में, अफ्रीका के कांगो में football का मैच चल रहा था अचानक बिजली गिर गई. जिससे एक टीम के सभी 11 खिलाड़ी मर गए जबकि दूसरी टीम के किसी खिलाड़ी का बाल भी बांका नही हुआ.(कहा जाता है की उस टीम के जूतों का सपर्क धरती से हो गया था)

एक ताजा वैज्ञानिक रिसर्च का कहना है, कि यदि इसी तरह से Global Warming बढ़ता रहा तो सन् 2100 तक आज के मुकाबले 50% ज्यादा बिजली गिरनी लगेगी.(इसका मतलब है की आज की तुलना में तब आप हर 3 सेकिंड में बिजली गिरने की आवाज़ सुन सकते है)


वेनेज़ुएला  देश की मारकैबो  झील' में लगातार बिजली गिरती रहती है. एक रात में 10-10 घंटे और साल में 240 से 260 राते. यहाँ हर साल लगभग 12 लाख बार बिजली गिरती है. 

बिजली गिरने के सबसे ज्यादा चांस दोपहर को होते है. यह इंसान के सिर, गले व कंधे पर सबसे ज्यादा असर डालती है.

रोशनी की रफ्तार ध्वनि से कई गुना ज्यादा तेज होती है. यही कारण है, कि हमें गिरती हुई बिजली पहले दिखाई दे जाती है और गर्जना की आवाज बाद में सुनाई देती है. यदि आपने बिजली दिखने और गर्जना सुनने के बीच में 5 तक गिनती गिन ली तो समझो यह आपसे 1 मील दूर गिरी है क्योंकि ध्वनि को 1 मील (1.6km) का सफर तय करने में 5 सेकेंड लगते है.

'स्टेच्यू ऑफ़ लिबर्टी' पर हर साल 300 बार बिजली गिरती है. यदि इस पाॅवर को इकट्ठा किया जाए तो यह 600 volts बनती है.

यदि बारिश नही हो रही और बादल भी ना हो, तो भी आप बिजली से सुरक्षित नही है क्योंकि बिजली तूफान के centre से 3 मील दूर तक गिर सकती है.

हमें गिरती हुई नही बल्कि गिरकर वापिस उठती हुई बिजली दिखाई देती है. वापिस जाती हुई बिजली (जो फ्लैश असल में हमें दिखाई देती है) उसकी स्पीड 32 करोड़ फीट प्रति सेकंड और जो गरजने की  आवाज हमें सुनाई देती है उसकी स्पीड 1100 फीट प्रति सेकंड होती है. इसके गिरने और उठने का काम 2 माइक्रो सेकिंड के अंदर हो जाता है.

लोगो का कहना है की बिजली एक ही जगह पर सिर्फ एक बार गिरती है ऐसा नहीं है बिजली एक ही जगह पर कई बार भी गिर सकती है. जैसे 'The Empire State Building' पर हर साल 23 बार बिजली गिरती है और एक बार तो 24 मिनट के अंदर 8 बार गिरी थी

आपने बिजली तो देखी हो लेकिन आवाज न सुनी हो. ये इसलिए हुआ, क्योंकि आसमानी बिजली 100 मील दूर से भी देखी जा सकती है जबकि आवाज सिर्फ 12 मील दूर तक ही सुनाई देती है.

आप सोच रहे होंगे आसमान में उड़ने वाली जहाजों का क्या होता होगा तो हम आपको बता दे की आसमान में उड़ने वाले हवाई जहाजों पर भी बिजली गिरती है. लेकिन इन पर आसमानी बिजली का असर नहीं होता.

1963 के  से बाद हवाई जहाज पर बिजली गिरने से कोई दुर्घटना हुई ही नही है. क्योंकि अब जहाजों को ख़ास तरह से डिजाइन किया जाता है. अधिकत्तर हवाई जहाज ऐल्युमिनियम के बने होते है जो बिजली को जहाज की shell के चारों और फैला देती है और अंदर नही जाने देती. ईंधन की टंकी को भी बिजली के खतरनाक प्रवाह से गुजारा जाता है ताकि किसी तरह के विस्फोट की संभावना न रहे.

जिस तरह हमारे घर में लगे वायर में + और - होता है और जब हम उनको एक साथ जोड़ते है तो वो वायर छोटी छोटी अंगारे छोड़ती है उसी तरह जब अपोजिट एनर्जी के बादल यानि  (+,-) एक दूसरे से टकराते है तो उनसे पैदा होने वाली रगड़ से आसमानी बिजली और उनके टकराने से कड़कने की आवाज पैदा होती है. कुछ बिजली तो आपस में बादलों पर ही गिर जाती है लेकिन जो ज्यादा मजबूत होती है वो कंडक्टर की तलाश में धरती की ओर बढ़ती है.क्योंकि उसे आसमान में किसी प्रकार का कंडक्टर नहीं मिलता।

ऐसे में धरती पर लोहे के खम्बे बिजली के लिए कंडक्टर की तरह काम करते हैं और उस समय अगर कोई व्यक्ति उसकी चपेट में आ जाये तो उसकी जान भी जा सकती है।
आसमान से गिरने वाली ये बिजली मानव शरीर पर बहुत बुरा प्रभाव डालती है इससे शरीर के टिशूज डैमेज हो जाते है। इसके अलावा शरीर के नर्वस सिस्टम पर भी इस आसमानी बिजली का बहुत बुरा प्रभाव हो सकता है और गंभीर शारीरिक अपंगता भी होने की सम्भावना होती है। इस बिजली की चपेट में आने से हार्ट अटैक होने का खतरा भी होता है जिससे जान तक जा सकती है
अब आप ध्यान से सुनिए की हम बिजली गिरने से कैसे बच सकते है 
  • हमे हमरे घर में अर्थिंग वाला तार जरूर लगवा लेना चाहिए उससे बिजली को कंडक्टर खोजने में बहुत परेशानी होगी  
  • जब भी आंधी तूफ़ान आये और आसमान में घने बादल मंडराएं तो अपने घर के इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे टीवी, रेडियो, कंप्यूटर इन सभी के पॉवर प्लग निकाल दें।
  • जहाँ तक हो अपना मोबाइल भी स्विच ऑफ कर दें।
  • फर्श या जमीन पर चलते समय अपने पैरों में रबर की चप्पल पहन के रखें ताकि जमीन से आपका कनेक्शन काम से कम हो सके 
  • ऐसे मौसम में बिजली के उपकरणों को बंद कर दें और उससे दूर रहें।
  • बारिश के मौसम में जब बिजली कड़क रही हो तो पेड़ के नीचे या खुले मैदान में भूल क्र भी ना जाएं।
अगर आपको भी पता है की बिजली के गिरने से कैसे बचे तो आप कमेंट जरूर करे उम्मीद है आपको ये जानकारी बहुत पसंद आई होगी अगर ऐसा है तो लाइक जरूर कर मिलते है एक और नई पोस्ट के साथ तब तक आप अपना और अपने परिवार का ध्यान रखे धन्यवाद 

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