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Sunday, 28 July 2019

रेल की पटरी पर पत्थर क्यों होते है


क्या आप जानते हैं रेल की पटरी पर पत्थर क्यों होते है  यदि आप आये दिन रेल यात्रा करते हैं तो पटरी को देखने के बाद आपके मन में ये सवाल जरुर आया होगा कि आखिर पटरी पर पत्थर क्यों रहता है इसकी जगह किसी दूसरी चीज का प्रयोग क्यों नहीं किया जाता है. आज तक आपने रेल की जितनी भी पटरी देखीं होगी उन सभी में आपको ये नुकीले पत्थर जरुर दिखे होंगे. आज हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं. रेल एक ऐसा साधन है जिसमें यात्रा लगभग सभी आम लोगो ने की है लेकिन रेल में भी कई ऐसी बातें हैं जिनका ज्यादातर लोगो को पता नहीं होता है.
जब ट्रेन का अविष्कार हुआ था तभी से इसकी पटरी पर पत्थर बिछाएं जा रहे हैं आपको बता दे कि पटरी में गिट्टी बिछाने के पीछे कई बड़े कारण ह
ट्रेन की पटरी देखने में जितनी साधारण होती है हकीकत में वह इतनी साधारण नहीं होती है उस पटरी के नीचे कंक्रीट के बने प्लेट होते हैं जिन्हें स्लीपर कहा जाता है इन स्लीपर के नीचे पत्थर यानी गिट्टी होती है इसे बलास्ट कहते हैं इसके नीचे अलग अलग तरह की दो लेयर में मिट्टी होती है और इन सबके नीचे नार्मल जमीन होती है.
हम में से ज्यादातर लोगो को यही लगता है कि पटरी को साधारण जमीन पर बिछा दिया जाता है लेकिन यह सच नहीं है इस पटरी को अगर आप गौर से देखेंगे तो आपको पता लग जायेगा कि ट्रैक साधारण जमीन से थोड़ी ऊंचाई पर होते हैं. पटरी के नीचे कंक्रीट के बने स्लीपर फिर पत्थर और इसके नीचे मिट्टी रहता है इन सभी चीजों के कारण ट्रैक साधारण जमीन से थोड़ा ऊंचाई पर होता है.
लोहे से बनी एक ट्रेन का वजन लगभग 10 लाख किलो तक होता है जिसे सिर्फ पटरी नहीं संभाल सकती है. इतनी भारी भरकम ट्रेन के वजन को सँभालने में इन तीनों का योगदान होता है. वैसे देखा जाए तो सबसे ज्यादा लोड इन पत्थरों पर ही होता है. पत्थरों की वजह से ही कंक्रीट के बने स्लीपर अपनी जगह से नहीं हिलते हैं. पत्थर नुकीले होने के कारण एक दूसरे में मजबूत पकड़ बना लेते हैं
1. ट्रैक पर बिछे पत्थर पटरी के नीचे लगे कंक्रीट के बने स्लीपर को एक जगह स्थिर रहने पर मदद करते हैं. यदि ट्रैक पर यह पत्थर नहीं होंगे तो कंक्रीट के बने स्लीपर एक जगह पर रुक नहीं पाएंगे और इनको ट्रेन का वजन संभालने में भी दिक्कत होगी.
2. यदि ट्रैक पर गिट्टी नहीं बिछाई जाएगी तो ट्रैक घास और पेड़ पौधों से भर जाएगी अगर ट्रेन के ट्रैक में पेड़ पौधे ऊग गए तो ट्रेन को ट्रैक पर दौड़ने पर कई दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. इस वजह से भी पटरी पर पत्थर रहता है.
3. जब ट्रैक पर ट्रेन चलती है तो कम्पन्न पैदा होता है और इस कारण पटरियों के फैलने की संभावना बढ़ जाती है तो कंपन्न कम करने के लिए और पटरियों को फैलने से बचाने के लिए ट्रैक पर पत्थर बिछाए जाते हैं.
4. पटरी पर जब ट्रेन चलती है तो सारा वजन कंक्रीट के बने स्लीपर पर आ जाता है. इसके आस पास मौजूद पत्थरों से कंक्रीट के बने स्लीपर को रोक कर रखने में आसानी होती है. इन पत्थरों की वजह से स्लीपर फिसलते नहीं हैं.
5. पटरी पर गिट्टी बिछाने के पीछे एक कारण ये भी होता है कि पटरियों में जल भराव की समस्या न हो. जब बरसात का पानी ट्रैक पर गिरता है तो वह गिट्टियों से होते हुए जमीन पर चला जाता है इससे पटरियों के बीच में जल भराव की समस्या नहीं होती है. इसके अलावा ट्रैक में बिछे पत्थर पानी से बहते भी नहीं हैं.

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